कठरिया सन्देश

१९ फाल्गुन २०८०, शनिबार

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  • तुम काहिक ऐसन करतो ?

    तुम काहिक ऐसन करतो ?
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    तुम अपना भाषा छोरके दोसरके भाषा मनकतो ।
    तुम अपना पहिरन छोरके दोसरक पहिरन पहिनतो ।
    मोहके ऐसन निक नाई लग्ता, तुम काहिक ऐसन करतो ?

    तुम अपना धर्म छोरके जन केहका धर्म अपनाई लग्लो ।
    तुम अपना दिउंता छोरके जन केहका दिउंता खोजे लग्लो ।
    मोहके ऐसन निक नाई लग्ता, तुम काहिक ऐसन करतो ?

    तुम अपना पबनी छोरके दोसरके पबनी मनैतो ।
    तुम अपना गितबांस छोरके दोसरक गितबांस गैतो ।
    मोहके ऐसन निक नाई लग्ता, तुम काहिक ऐसन करतो ?

    तुम अपना गहना गुरिया छोरके दोसरके गहना गुरिया पहिनतो ।
    तुम अपना ढोल–डफ छोरके दोसरक डिजे बाजा बजैतो ।
    मोहके ऐसन निक नाई लग्ता, तुम काहिक ऐसन करतो ?

    तुम अपना खानपान छोरके दोसरके खानपान अपनाई लग्लो ।
    तुम अपना पुरखन आशिष छोरके जनकेहका मोहनिम परेलग्लो ।
    मोहके ऐसन निक नाई लग्ता, तुम काहिक ऐसन करतो ?

    तुम अपना आजा बाबान कहल बिसराके जन केहका बात लागे लग्लो ।
    तुम अपना घरका दोर आगे छोरके दख्खिन, उत्तर पाछे कराई लग्लो ।
    मोहके ऐसन निक नाई लग्ता, तुम काहिक ऐसन करतो ?

    सुरेश कठरिया
    घोडाघोडी न.पा. ३ वगुलहिया, कैलाली
    प्रधानाध्यापक राष्ट्रिय माध्यमिक विद्यालय, खैलाड

    सुचना तथा संचार मन्त्रालय,
    दर्ता नं. : 071/72/770,
    पान नं.: 6026465656565656565

    ब्यवस्थापक :- अर्जुन कठरिया

    प्रकाशक :- राजेन्द्र कठरिया

    प्रधान सम्पादक :- टिआर कठरिया

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